राजकीय इंटर कालेज रगड़ गांव में तैनात एक शिक्षक ने वर्षों से युवाओं को नशे से मुक्ति दिलाने का बीड़ा उठाया है। उनके जनजागरण अभियान चलाने पर अब तक पांच हजार से अधिक छात्रों ने शराब और अन्य किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है।
चंबा के निकट केमरी गांव के डा. राकेश प्रसाद उनियाल ने बचपन से ही नशे के कारण कई परिवारों को उजड़ते हुए देखा। उन्होंने तभी से इसके खिलाफ लड़ने का मन बना लिया था। स्कूली शिक्षा गांव में होने के बाद एमए, बीएड और पीएचडी करने के बाद अध्यापन को आजीविका का साधन बनाया।
वर्ष 2002 में चमोली जनपद के राइका चांदपुर में नियुक्ति हुई। स्कूल में अध्यापन कार्य के साथ ही जागरूकता अभियान के माध्यम से बच्चों को नशे के खिलाफ लामबंद करना भी शुरू किया। टिहरी जिले के जीआईसी रगड़ गांव में स्थानांतरण होने के बाद भी उन्होंने अभियान को जारी रखा।
अब उन्होंने जागरूकता अभियान के साथ ही छात्रों से नशे के खिलाफ संकल्प पत्र भरवाने का काम शुरू किया। इसके तहत अब तक पांच हजार से अधिक छात्रों ने नशे से दूर रहने का संकल्प पत्र भरा है। इस कार्य के लिए विभाग ने उन्हें सम्मानित भी किया है। राकेश उनियाल का कहना है कि नशीले पदार्थ बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी बाधा हैं। नशे के सेवन से शरीर खोखला और बौद्धिक क्षमता नष्ट हो जाती है।