भवन तैयार सात माह से है लोकार्पण का इंतजार
नई टिहरी। आधा शिक्षा सत्र बीत चुका है लेकिन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी में लाखों की लागत से तैयार आईटी लैब का संचालन शुरू नहीं हो पाया। आईटी लैब छात्रों के उपयोग में आने के बजाय बंद कमरों में कैद है। उच्च शिक्षा विभाग की सुस्ती महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रही है।
केंद्र पोषित योजना के तहत वर्ष 2024 में महाविद्यालय के लिए 342.92 लाख से आईटी लैब की स्वीकृति मिली थी। मई 2025 में भवन बनकर तैयार हो गया। जुलाई 2025 नए शिक्षा सत्र से महाविद्यालय प्रशासन ने आईटी लैब शुरू करने की बात कही गई लेकिन आधा सत्र बीतने के बाद भी आईटी लैब का संचालन शुरू नहीं हो पाया।
लैब में 40 कंप्यूटर, तीन डिजिटल स्मार्ट बोर्ड और स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था मौजूद है। लैब के माध्यम से छात्रों को ऑनलाइन कक्षाएं, ई-लर्निंग, रिसर्च कार्य, डिजिटल असाइनमेंट और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा मिलनी थी। कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का कहना है कि आईटी लैब योजनाओं सिर्फ फाइलों तक सिमट कर रह गई है। लंबे समय से भवन का लोकार्पण और लैब संचालन की बातें हो रही हैं लेकिन इस दिशा में अब तक धरातल पर कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
उच्च शिक्षा निदेशालय स्तर पर आईटी लैब की थर्ड पार्टी जांच पिछले माह पूरी हो चुकी है। अब भवन को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है। आगामी फरवरी माह से आईटी लैब का विधिवत संचालन छात्र-छात्राओं के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
-प्रो. पुष्पा नेगी, प्राचार्य पीजी कॉलेज नई टिहरी