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आशा वर्करों को सरकारी सेवक का दर्जा दे सरकार

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थत्यूड़ में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आशा कार्यकर्ता। - फोटो : NEW TEHRI
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आशा वर्करों ने अपनी 12 सूत्री मांग को लेकर जौनपुर ब्लाक मुख्यालय थत्यूड़ में प्रदर्शन कर धरना दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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शुक्रवार को ब्लाक मुख्यालय थत्यूड़ पहुंची आशाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वह आशा वर्करों को सरकारी सेवक का दर्जा देकर न्यूनतम 21 हजार मासिक वेतन देने, आशाओं को सेवानिवृत्त होने पर पेंशन का लाभ देने, कोविड कार्य में लगी सभी आशा वर्करों को 10 हजार मासिक कोरोना भत्ता देकर 50 लाख रुपये का बीमा और 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करने आदि मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। संघ की अध्यक्ष सरिता रावत ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को काम के बदले बहुत कम मानदेय दिया जा रहा है। कई सालों से कार्य करने के बाद भी उनकी मांगों पर सरकार सुनवाई नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारियों में उपाध्यक्ष विनीता सेमवाल, नीलम नौटियाल, कांता लेखवार, सुधा पंवार, रीना रावत, ललिता रावत, रामेश्वरी नेगी, चंद्रकला सजवाण, नीलम चौहान, हेमलता सेमवाल, देववंती चमोली और लक्ष्मी पंवार आदि शामिल थे।
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