सेवा नियमावली लागू करने को लेकर वन आरक्षियों का धरना जारी
नई टिहरी। वन आरक्षी संघ से जुड़े कर्मियों ने वर्ष 2016 वन सेवा नियमावली को लागू करने, 10 वर्षों की सेवा पर वन दरोगाओं की शत प्रतिशत पदोन्नति किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। उन्होंने शासनस्तर पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिए जाने पर आक्रोश जताया।
शनिवार को डीएफओ कार्यालय के बार धरने पर बैठे वन बीट अधिकारी और वन आरक्षी ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र उनकी मांगों के निराकरण की मांग की है। संगठन के महामंत्री लक्ष्मण सिंह सजवाण ने कहा कि संगठन वर्ष 2018 नियमावली को समाप्त करने, 2016 नियमावली को फिर से लागू करने, वन आरक्षियों को एक स्टार की अनुमति देने, वेतनमान व्यवस्था में संशोधन करने की मांग कर रहा है।
इसके अलावा वन कर्मियों की सुरक्षा के लिए मजबूत कानून बनाने, वन आरक्षी के पदों पर हाल ही में निकाली गई भर्ती शीघ्र निरस्त करने, 10 साल की सेवा पूरी कर चुके दैनिक श्रमिकों का नियमितीकरण करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कार्यवाही न किए जाने से कर्मियों को फायर सीजन में बेमियादी धरने पर बैठने का एलान किया। कहा कि शीघ्र उनकी मांगों का निराकरण नहीं होता है, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरना देने वालों में आजाद सिंह पंवार, दिनेश उनियाल, अभिषेक कंडियाल, मनोज रावत, शुभम सिंह, राजेंद्र नेगी, आशीष रतूड़ी, प्रीतम सिंह, विनोद डोभाल, जयेंद्र प्रसाद,अमित पंवार, ललिता नेगी, प्रियंका रावत, नेहा रतूड़ी, रोशनी देवी, अनीता सजवाण, भारती कोठियाल और नीलम चौहान आदि शामिल थे।