नई टिहरी। वन सेवा नियमावली लागू करने, 10 वर्षों की सेवा पर वन दरोगाओं की शत-प्रतिशत पदोन्नति किए जाने, वन आरक्षियों को एक स्टार की अनुमति देने सहित अन्य मांगों को लेकर वन आरक्षी और वन बीट अधिकारियों का बेमियादी धरना जारी रहा। उन्होंने वन प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
वन आरक्षी संघ के जिला महामंत्री लक्ष्मण सजवाण ने कहा कि वन आरक्षी और वन बीट अधिकारी संघ गत आठ दिनों से मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में बेमियादी धरने पर बैठे हैं, लेकिन मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे कर्मियों में आक्रोश है। कहा कि उनकी मांगों में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके दैनिक श्रमिकों का नियमितिकरण, वन कर्मियों की सुरक्षा हेतु मजबूत कानून बनाने, वन आरक्षियों की भर्ती को निरस्त करने आदि मांगे शामिल हैं। इस मौके पर आजाद पंवार, मुकेश भंडारी, दिनेश उनियाल, भगत रावत, पंकज, राजेंन्द्र सिंह, नरेंद्र नेगी, अभिषेक कड़ियाल, जयवीर लाल, राकेश चौहान, कंचन, आरती रावत, ललिता नेगी, नेहा, राहुल सिंह, गोपी गुसाईं, विकास पंवार आदि मौजूद थे।
पुरोला। वन कर्मियों ने टौंस वन प्रभाग डीएफओ कार्यालय के सामने बारिश में छाता लेकर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष नितिन पंचोला ने कहा कि वे लंबे समय से समस्याएं हल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। इस मौके पर संगीता बोहरा, प्रेम सिंह, नीलम, आंचल, सुषमा, सकल चंद, अश्विनी राणा, राजवीर सिंह मौजूद रहे। संवाद