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लोक कलाकार नृत्यांगना गजला देवी का निधन

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लोक कलाकार गढ़वाली नृत्यांगना व बेडा परंपरा के गीतों की ध्वजवाहक गजला देवी (86) का निधन हो गया। उनके पति शिवजनी भी लोक कलाकार हैं। इस दंपती ने राजपथ पर स्व. इंद्रमणि बडोनी के नेतृत्व में दो बार गणतंत्र दिवस की परेड में केदार नृत्य की प्रस्तुत देकर उत्तराखंड का नाम रोशन किया था। उनके आकस्मिक निधन पर संस्कृति कर्मियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरा शोक जताया है।
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भिलंगना ब्लॉक में ढुंग-बजियाल गांव निवासी लोक कलाकार गजला देवी का शनिवार रात को निधन हो गया। उन्होंने जीवनभर गढ़वाली बोली-भाषा, नृत्य, बेडा गीत और पंवाड़े के लिए कार्य किया। गजला देवी केदार नृत्य में पारंगत थीं। 1956- 1960 में उन्होंने अपने पति शिवजनी के साथ उत्तराखंड के गांधी इंद्रमणि बडोनी के नेतृत्व में गणतंत्र दिवस की परेड में केदार नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी थी।
वरिष्ठ पत्रकार व रंगकर्मी महीपाल सिंह नेगी और विवेक मेमोरियल सुरगंगा संगीत विद्यालय के निदेशक डा. विकास फोंदणी ने बताया कि इसी साल मार्च में गजला देवी और उनके पति शिवजनी और गिराज आदि कलाकारों ने सुरगंगा संगीत विद्यालय में छात्रों के लिए केदार नृत्य और उत्तराखंड के लोक संगीत परंपरा की कार्यशाला आयोजित की थी। संगीत विद्यालय ने उनके गीत और केदार नृत्य की डॉक्यूमेंट्री बनाकर रखी है, जो भविष्य की पीढ़ी के काम आएंगे। उनके निधन पर लोक गायक सुनील सजवाण, गुंजन डंगवाल, बीना बोरा, पदम गुसाईं, रवि गुसाईं, देवेंद्र नौडियाल, राधा नेगी, धनराज ने गहरा दुख जताया है।
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