भूमि रिकॉर्ड से जुड़ेगा किसानों का डिजिटल डाटा : मुख्य कृषि अधिकारी
नई टिहरी। केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन के तहत अब किसानों को अपनी भूमि का किसान पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। भविष्य में किसान सम्मान निधि समेत कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह पंजीकरण जरूरी माना जाएगा। आधार कार्ड की तर्ज पर अब किसानों को भी सरकार की ओर से एक डिजिटल पहचान किसान आईडी दी जाएगी।
मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि भूमि संबंधी अभिलेखों को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक किसान और काश्तकार का डिजिटल पंजीकरण किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को अपनी भूमि का किसान पंजीकरण कराना होगा। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा किसान जन सेवा केंद्र के माध्यम से या स्वयं मोबाइल फोन से भी पंजीकरण कर सकते हैं।
इसके लिए किसानों को सरकार के पोर्टल ukfr.agristack.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए भूमि की खतौनी, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि किसान सम्मान निधि, कृषि यंत्रों पर अनुदान और कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद और कृषि उत्पादों की बिक्री प्रक्रिया भी सरल हो सकेगी।