नई टिहरी। नरेंद्रनगर ब्लॉक के चाका (क्वीली) में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ सात दिवसीय कोटेश्वर एवं पर्यटन विकास मेला शुरू हो गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड के धर्मस्व व संस्कृति विभाग के सचिव युगल किशोर पंत, मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने दीप जलाकर मेले का उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि सचिव युगल किशोर पंत ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक पहचान के प्रतीक हैं। उत्तराखंड जिसे देवभूमि कहा जाता है यहां प्राचीन काल से ही मेलों और थौल उत्सवों का आयोजन होता रहा है। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से गढ़वाली और कुमाऊंनी एकता के गीतों का सृजन होता है।
मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस मेले का आयोजन पिछले कई वर्षों से हो रहा है और इसे सफल बनाने में सभी का योगदान रहा है। इस दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक गायक रजनीकांत सेमवाल, अंजलि और अन्य कलाकारों ने गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गढ़वाली गीत ‘तुमरी खुद मा’ और ‘सर स्याली रामदेई’ पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
मेले में वन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन, स्वास्थ्य, ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला एवं बाल विकास विभाग, विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से स्टॉल लगाए गए है। इस मौके पर मेले के संयोजक गिरीश बंठवाण, मंडी समिति के निवर्तमान अध्यक्ष बीर सिंह रावत, खंड विकास अधिकारी श्रुति वत्स, तहसीलदार विनोद तिवारी, धन सिंह सजवाण, मंडल उपाध्यक्ष ओम प्रकाश रुडोला, जगत सिंह असवाल, मीनाक्षी उनियाल आदि मौजूद रहे। संचालन मकान सिंह चौहान, दिनेश उनियाल ने किया।