स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में मानव अधिकार आयोग के सहयोग से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मानवाधिकारों से संबंधित प्रमुख जानकारियां दी गई।
स्वामी रामतीर्थ परिसर के विधि विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला जज कुमकुम रानी ने कहा कि समाज में मानव अधिकारों के संरक्षण हेतु सभी को जागरूक होना आवश्यक है। सिविल जज अशोक कुमार ने लोगों को मानवाधिकारों का प्रयोग और न्यायालय के व्यावहारिक ज्ञान के विषय में जानकारी दी। परिसर निदेशक प्रो. एए बौड़ाई ने मानव अधिकारों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के सम्मानपूर्वक जीवन एवं अस्तित्व के लिए मानवाधिकारों एवं कर्तव्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है। डीएवी कालेज देहारादून के विभागाध्यक्ष पारुल दीक्षित और केंद्रीय विश्वविद्यालय भटिंडा पंजाब के डा. पुनीत पाठक ने लेवर अधिनियम, सिविल जिम्मेदारी अधिनियम 1988, वन अधिकार अधिनियम 2006, और बाल मजदूरी के विभिन्न संशोधन पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यशाला के संयोजक व विधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एके पांडेय और आयोजक सचिव डा. एसके चतुर्वेदी ने बाल अधिकार, बाल संरक्षण अधिनियम पर अपना व्याख्यान दिया। कार्यशाला में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शांति भट्ट, प्रो. डीएस कैंतुरा, प्रो. गीताली पडियार, प्रो. एनके अग्रवाल, प्रो. रुकमा रावत, हंसराज बिष्ट, डा. रविंद्र सिंह, डा. अर्चना शाह, डा. विशाल गुलेरिया, डा. आलोक कुमार, डा. पित्रेश भट्ट, डा. मीता अग्रवाल, तुलिका धनै, अंकुर शर्मा, डा. केके बंगवाल, डा. शिवानी बिष्ट, राकेश कोठारी आदि मौजूद थे।