उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की 21 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी बैठक
चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की कमी पर केंद्र व्यवस्थापकों ने उठाए सवाल
नई टिहरी। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की 21 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डायट सभागार में डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा।
बैठक में प्रधानाचार्यों ने स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि अधिकांश विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के अभाव में दैनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। घंटी बजाने की व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित करना मुश्किल हो रहा है। इस स्थिति में बोर्ड परीक्षा के दौरान अतिरिक्त दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। रात्रि में स्कूलों में कौन सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेगा।
डीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बिजली, पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को 20 फरवरी तक परीक्षा केंद्रों का दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पीआरडी और होमगार्ड जवानों की तैनाती करने का आश्वासन दिया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला बड़वाल ने बताया कि जिले में 136 परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा आयोजित की जानी है। जिसमें 14,176 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) वीपी सिंह ने बताया कि परीक्षा संचालन के लिए 1,335 शिक्षकों की तैनाती की गई है। नकल रोकने के लिए जिला स्तर पर 13 सचल दल गठित किए गए हैं। जिले को 10 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
बैठक में एडीएम अवधेश कुमार सिंह, डीईओ बेसिक पूनम चौहान, बीईओ सुमेर सिंह कैंतुरा, हिमांशु श्रीवास्तव, राजेंद्र बडोनी, डॉ. वीर सिंह रावत, प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह परमार आदि मौजूद रहे।