ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिखोलगांव-गुल्डी के बीच सुरंग निर्माण से आई दरारों को सीमेंट से पाटने के बाद मठियाण गांव में फिर से दरारें दिखने लगी हैं। इससे दहशत में आए ग्रामीणों ने यहां काम कर रहे बीआरओ के अधिकारियों को बैरंग लौटाकर सुरंग निर्माण कार्य पर ठप करा दिया।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंबा में बाईपास बनाने के लिए गुल्डी गांव से सुरंग बनाई जा रही है। शुरुआती चरण में टनल निर्माण स्थल से थोड़ी दूर बसे मठियाण गांव के तीन भवनों में पिछले दिनों दरारें आ गईं थीं। तब कंपनी ने दरारें सीमेंट से पाट दी थीं। इस पर अमर उजाला ने कमियां छुपाने को सीमेंट से पाट रहे दरारें खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर वहां की जा रही लीपापोती को उजागर किया था। तब डीएम डा. वी षणमुगम ने टनल से होने वाले नुकसान की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। एसडीएम टिहरी रविंद्र जुवांठा ने जांच पूरी होने तक भारी मशीनों से खुदाई कार्य बंद करवा दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिन बीतने पर सीमेंट का लेप उखड़कर फिर से दरारें दिखने लगी हैं। सुरंग का कार्य ठप कराते हुए सावित्री देवी, सरस्वती देवी, बृहस्पति देवी, दर्शनलाल कोठियाल, शक्ति जोशी ने कहा कि जब तक मकानों की सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए जाते तब तक कार्य शुरू नहीं करने दिया जाएगा। बीआरओ के अधिकारी ग्रामीणों को मनाने पहुंचे, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। डीएम डा. वी षणमुगम ने कहा कि चंबा में सुरंग बनाने से गांव में दरारें पड़ने की जांच कराई गई थी। बीआरओ से जांच रिपोर्ट मंगाई गई है, उसका परीक्षण करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।