ग्राम पंचायत का फैसला एक जनवरी से लागू
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लाॅक में ग्राम पंचायत केपार्स भी शराबबंदी मुहिम में शामिल हो गया है। गांव में हुई पंचायत में सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया है कि गांव में आयोजित विवाह समारोह, चूड़ाक्रम संस्कार और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब नहीं परोसी जाएगी। फैसले पर नजर रखने के लिए गांव में नशा मुक्ति निगरानी समिति बनाई जाएगी जो व्यक्ति और परिवार फैसले का उल्लंघन करेगा उसे दंडित किया जाएगा।
भिलंगना ब्लाॅक के केपार्स गांव में एक जनवरी को हुई बैठक में गांव -क्षेत्र में नशा खोरी का प्रकोप बढ़ने पर चिंता व्यक्त की गई। गांव के प्रधान रतन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में आदर्श गांव बनाने के लिए गांव को नशा मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. आरबी सिंह ने कहा कि नशे का प्रकोप बढ़ने से अपराध भी बढ़ेंगे। पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया कि गांव में किसी भी प्रकार के नशे को प्रतिबंधित रहेगा। गांव की सीमा में शराब की बिक्री, भंडारण और सेवन भी नहीं किया जाएगा।
विवाह समारोह की मेहंदी रस्म, रिसेप्शन, दुरागमन, जन्मदिन, चूड़ाक्रम, व्यक्तिगत और परिवार के निजी कार्य में भी शराब नहीं परोसी जाएगी। फैसले का उल्लंघन करने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के साथ ही नशामुक्ति समिति द्वारा तय अर्थ दंड से दंडित किया जाएगा। ग्राम पंचायत का फैसला एक जनवरी से लागू किया गया है।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य धनपाल बिष्ट, क्षेत्र पंचायत रजनी देवी बिष्ट, उप प्रधान योगेंद्र सिंह बिष्ट, धर्माधिकारी विरेन्द्र दत्त सेमवाल, साहब सिंह कुमांई, भरत सिंह नेगी, धर्म सिंह बिष्ट, विनोद लाल शाह मौजूद थे।