सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राएं पहुंची कोतवाली सीखी पुलिस की कार्यप्रणाली
नई टिहरी। अच्छा इंसान वही होता है, जो समय रहते सचेत हो जाए। बुरी संगत से दूरी बनाए और सही रास्ता चुने। जीवन में समस्याएं सभी के सामने आती हैं लेकिन जागरूकता, धैर्य और सही जानकारी से हर समस्या का समाधान संभव है। अपराध छोटा हो या बड़ा उसे छुपाने के बजाय समय पर शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति या अभिभावक थाने नहीं आ सकता, तो टोल फ्री नंबर 112 या उत्तराखंड पुलिस एप के माध्यम से घर बैठे भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से नई टिहरी कोतवाली में आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम के दौरान प्रभारी कोतवाली निरीक्षक धनराज बिष्ट ने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नई टिहरी के छात्र-छात्राओं से कहीं। मंगलवार को विद्यालय के छात्र-छात्राएं कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को नजदीक से जाना। सवाल-जवाब के माध्यम से अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को यातायात नियमों के पालन, साइबर अपराध से बचाव और नशे के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। कोतवाली निरीक्षक धनराज बिष्ट ने कहा कि नशा सिर्फ स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता है, बल्कि कॅरियर को भी बर्बाद कर देता है। उन्होंने छात्रों से नियमित पढ़ाई करने की अपील की। एसआई नरेंद्र तोमर ने दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाते समय वाहन की निर्धारित क्षमता का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षमता से अधिक सवारी बैठाना केवल कानूनन अपराध है। यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। सुरक्षित ड्राइविंग से ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। एसआई रीना नेगी ने छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में जानकारी करते हुए कहा कि किसी भी आपत स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें। उन्होंने मोबाइल फोन के सही उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल ज्ञान और सकारात्मक जानकारी के लिए करें, न कि गलत आदतों के लिए। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस एप और 112 नंबर के माध्यम से घर बैठे शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई। प्रधानाचार्य बीडी कुनियाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ता है। वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे सीखी गई बातों को अपने जीवन में उतारें और समाज में जागरूकता फैलाएं। इस अवसर पर शिक्षक जयकृत सिंह रावत, शिवम उनियाल आदि मौजूद रहे।