कोरोना संक्रमण काल में गांव लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार की मुहिम से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन प्रत्येक गांव की परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं तैयार करेगा। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने प्रत्येक ब्लाक में कलस्टर के आधार पर जड़ी-बूटी, मशरूम, सब्जी, फल और अनाज उत्पादन का डाटा तैयार करने को कहा है। डीएम ने कहा कि सरकार अधिकारियों को अच्छा वेतन दे रही है। यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी अपने वेतन से संतुष्ट नहीं है तो वह नौकरी छोड़ दे। भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बुधवार को डीएम घिल्डियाल ने कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की लापरवाही की वजह से शासन स्तर तक समस्या नहीं पहुंचनी चाहिए। अपने स्तर से हर समस्या सुलझाएं। पीडब्लूडी, पीएमजीएसवाई, आरडब्लूडी, सिंचाई, ऊर्जा निगम विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में सीडीओ अभिषेक रूहेला, डीएफओ डा. कोको रोसे, डीडीओ आनंद सिंह भाकुनी, मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी, डीएचओ डा.डीके तिवारी, एआरटीओ एनके ओझा, ईई जल संसथान सतीश चंद्र नौटियाल, ईई लोनिवि केएस नेगी आदि उपस्थित रहे।