आंदोलनकारी बोले, लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा संघर्ष
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के बौर और राम गांव की चारागाह की करीब 79 नाली भूमि नीलामी की प्रक्रिया को जिला प्रशासन ने स्थगित कर दिया। मामले में डीएम ने एसडीएम टिहरी की अध्यक्षता में कमेटी गठित करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं जिससे छह जुलाई को खुलने वाले निविदा फिलहाल स्थगित हो गई है। चारागाह भूमि की नीलामी निरस्त करने की मांग को लेकर स्थानीय लोग बुधवार को 9वें दिन भी धरने पर डटे रहे। उनका कहना है कि जब तक लिखित आश्वासन, धरना स्थल पर सक्षम अधिकारी नहीं आते उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जिला प्रशासन की ओर से बीते 11 जून को बौर और राम गांव की 79 नाली चारागाह जमीन की नीलामी का टेंडर जारी किया गया था। टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की मांग को लेकर स्थानीय लोग 22 जून से आंदोलनरत है। मांग के समर्थन में लोग सुल्याधार में प्रतिदिन धरना देकर क्रमिक अनशन पर बैठ रहे है।
भूमि नीलामी प्रक्रिया के भारी विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने फिलहाल टेंडर को स्थगित कर दिया है। डीएम नितिका खंडेलवाल की ओर से जारी आदेश में प्रस्तावित उत्तराखंड सरकार की उक्त भूमि की समुचित जांच कराए जाने के लिए एसडीएम टिहरी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करते हुए निविदा स्थगित की है।
पैतृक भूमि संरक्षण समिति के संरक्षक व पूर्व कनिष्ठ उपप्रमुख कुलदीप पंवार, समिति के अध्यक्ष नत्थी सिंह कैंतुरा, प्रधान संगठन अध्यक्ष युद्धवीर रावत ने कहा कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार को क्रमिक अनशन पर बौर गांव की प्रधान मीनाक्ष कैंतुरा, प्रभुलाल डोभाल, राजेंद्र नेगी, भगवान सिंह रावत, केसर सिंह रावत आदि बैठे रहे।