शादी-विवाह, मुंडन संस्कार के लिए टैंकरों से मंगवाना पड़ रहा है पानी
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के बौर गांव में पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। गांव में दो पेयजल योजनाएं होने के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। पशुओं के लिए भी पानी की किल्लत बनी हुई है। ग्रामीणों ने जल निगम से पेयजल व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। ऐसा न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान मीनाक्षी कैंतुरा ने बताया कि गांव में 140 परिवार निवासरत है। पानी आपूर्ति करने के लिए कौड़िया पेयजल योजना और सुरीधार पंपिंग पेयजल योजना संचालित की जा रही हैं। कौड़िया जल स्रोत गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर होने के कारण पानी नियमित रूप से नहीं पहुंच पाता। वहीं सुरीधार पंपिंग योजना से भी प्रतिदिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है।
नत्थी सिंह, रविंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, बच्चन सिंह, कविता कैंतुरा ने बताया कि पानी की आपूर्ति न होने से लोगों को शादी-विवाह, मुंडन संस्कार और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए टैंकरों से पानी मंगाना पड़ रहा है। दो-दो योजनाएं होने के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। गांव के लोग नियमित रूप से पानी का बिल जमा कर रहे हैं। सुबह करीब दो घंटे ही पानी की आपूर्ति होती है। इसी दौरान घरों के साथ पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने पर अगले दिन तक इंतजार करना पड़ता है। गांव में प्राकृतिक जलस्रोत भी नहीं हैं।
कौड़िया पेयजल योजना की लाइन में हवा भर जाने से पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। तकनीकी समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। सुरीधार पंपिंग योजना से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
- राजवीर राणा, सहायक अभियंता जल निगम चंबा