महिलाएं और बच्चे डर के साये में सफर करने के लिए मजबूर
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लाॅक मुख्यालय और चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के दिचली-गमरी पट्टी के दर्जनों गांवों के आवागमन के लिए टिहरी बांध की झील में बोट सेवा तो बहाल कर दी गई है लेकिन पैदल रास्ते में चार माह में उगी झाड़ियों की सफाई नहीं होने से लोगों को सांप- बिच्छू और जंगली जानवरों का भय बना रहता है।
छाम-बैल्डोगी झूला पुल के बदले नया पुल नहीं बनने के कारण कंडीसौड़ और दिचली-गमरी पट्टी के दर्जनों गांवों के आवागमन के टिहरी बांध की झील में बोट सेवा लगाई गई है। झील का जलस्तर घटने पर बोट सेवा अप्रैल से जुलाई तक बंद रहती है। इस दौरान कंडीसौड़ से झील में बोट तक पहुंचने का रास्ता भी वीरान हो जाता है जिससे रास्ते के दोनों ओर खूब झाड़ियां उग जाती है।
जलस्तर बढ़ने पर झील में एक अगस्त से बोट सेवा तो शुरू कर दी गई है लेकिन करीब एक किमी लंबे रास्ते से झाड़ियां नहीं काटी गई है। इससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। कंडी के प्रधान सुमन सिंह गुसाईं, जिला पंचायत सदस्य सुनील जुयाल, प्रधान सुमेरी बिष्ट, आशा राणा, मधुबाला खंडूड़ी ने पुनर्वास निदेशालय से रास्ते में उगी झाड़ियों की सफाई कर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। विजयपाल सिंह बिष्ट और वासुदेव खंडूड़ी ने झील में डूबे छाम-बैल्डोगी झूला पुल के बदले नया पुल बनाने की मांग की है।
बोट प्वाइंट तक पहुंचने वाले पैदल रास्ते की सफाई के लिए टीएचडीसी से धनराशि की मांग की गई है। उम्मीद है, कि पैसा जल्द मिल जाएगा। उसके बाद शीघ्र ही रास्ते की सफाई कर दी जाएगी।
राकेश थपलियाल, वरिष्ठ प्रबंधक पुनर्वास निदेशालय नई टिहरी।