घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक में लचर स्वास्थ्य सेवाओं और दो माह में तीन गर्भवती महिलाओं की मौत से स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ गया है। इसी मुद्दे पर डॉक्टर दो, न्याय दो की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार को लगातार 31वें दिन भी पीएचसी पिलखी और घनसाली बस अड्डा परिसर में धरने पर बैठे रहे।
धरना स्थल पर हुई बैठक में ग्रामीणों ने सरकार पर भिलंगना ब्लॉक की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वे एक माह से कामकाज छोड़कर प्रतिदिन धरने पर बैठ रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा। उनकी मुख्य मांगें हैं—सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, डॉक्टरों के रिक्त पदों पर नियुक्ति, रेडियोलॉजिस्ट और एक्सरे तकनीशियन की तैनाती, पिलखी अस्पताल में एंबुलेंस चालकों की नियुक्ति।
आंदोलनकारियों ने मृतक गर्भवती महिलाओं के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने और मौतों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई। चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे 1 दिसंबर को देहरादून कूच करेंगे।
धरने में विनोद लाल शाह, संदीप आर्य, अनुज लाल, विनोद चौधरी, मनीष सहित अन्य लोग शामिल रहे।