नई टिहरी। समाज कल्याण विभाग की लेटलतीफी टिहरी जिले के दिव्यांगजनों पर भारी पड़ रही है। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) नई टिहरी में पिछले दो माह से ताला लटका हुआ हैं। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से अपनी समस्या लेकर पहुंच रहे दिव्यांगजनों को केंद्र बंद मिलने पर निराश लौटना पड़ रहा है।
समाज कल्याण विभाग में जिले के करीब 15 हजार दिव्यांग पंजीकृत हैं। जिसमे लगभग 11 हजार शारीरिक और करीब चार हजार मानसिक दिव्यांग शामिल हैं। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगजनों को बैसाखी, व्हीलचेयर, कान की मशीन, छड़ी और चश्मे सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में मदद की जाती है। जरूरतमंदों को फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, विशेष परामर्श, विशेष शिक्षा और पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा दिव्यांग प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड बनवाने में भी डीडीआरसी दिव्यांगजनों की मदद करता है।
केंद्र बंद होने का सबसे अधिक असर जिला अस्पताल बौराड़ी में प्रत्येक बुधवार को लगने वाले दिव्यांग शिविर पर भी पड़ा है। पहले डीडीआरसी के कर्मचारी शिविर में पहुंचकर दिव्यांगजनों को प्रमाणपत्र, यूडीआईडी कार्ड और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में मदद करते थे लेकिन पिछले दो माह से केंद्र बंद होने के कारण समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी शिविर में भी नहीं पहुंच रहे हैं।
जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संचालन के लिए टेंडर जारी किया गया है। डीएम की अध्यक्षता में जिला प्रबंधन समिति की बैठक होनी है, जिसके बाद टेंडर खोला जाएगा। डीएम की ओर से बैठक का समय निर्धारित किया जाना है।
-श्रेष्ठा भाकुनी, जिला समाज कल्याण अधिकारी टिहरी