टिहरी बांध की झील में पिछले छह दिन से फेरी बोट सेवा का संचालन बंद होने से आक्रोशित बांध प्रभावित प्रतापनगर और जाखणीधार ब्लाक के लोगों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बांध प्रभावितों ने कहा कि बोट सेवा बंद होने से उन्हें झील आरपार करने के लिए उन्हें 40 से 60 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। हालांकि बाद में पुनर्वास निदेशक/डीएम ने आश्वासन दिया कि मंगलवार (आज) से फेरी बोटों का विधिवत संचालन शुरू किया जाएगा। बोट संचालकों का शेष भुगतान किया जाएगा।
टिहरी बांध प्रभावित गांवों में निवासरत लोगों को झील से आरपार करने के लिए पुनर्वास विभाग की ओर से नौ अलग-अलग स्थानों पर बोटों का संचालन किया जाता है, लेकिन पिछले अप्रैल से बोट संचालकों को भुगतान न मिलने से नाराज बोट यूनियन ने एक जनवरी से बोटों का संचालन बंद कर दिया था। बोटों का संचालन शुरू करने की मांग को लेकर सोमवार को बांध प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने पूर्व विधायक विक्रम ङ्क्षसह नेगी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
बाद में पुनर्वास निदेशक/डीएम डा. षणमुगम ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। कहा बोटों का संचालन करने के लिए टीएचडीसी को भुगतान करने के लिए पत्र भेजा गया है। बुधवार को टीएचडीसी के अधिकारियों के साथ वार्ता होनी है। बोट संचालकों को भुगतान किया जाएगा। डीएम के आश्वासन पर बोट संचालकों ने मंगलवार से सेवा शुरू करने पर सहमति जताई। प्रदर्शनकारियों में प्रमुख प्रदीप चंद रमोला,जगदंबा रतूड़ी, नरेंद्र चंद रमोला, प्रधान राहुल राणा, कुलदीप पंवार, मोहन सिंह रावत, नरेंद्र राणा, दर्शनी रावत, राजेंद्र डोभाल, मोहित रावत, दौलत रावत, नेहा रावत, सविता परमार, भगवान सिंह, संपत्ति देवी, कविता, मीरा, मीनाक्षी, गुड्डी, हीरालाल, विनोद आदि शामिल रहे।