भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण गौमुख से देवप्रयाग तक गंगा किनारे दो सौ मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण व खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की तैयारी में है।
यही नहीं प्राधिकरण का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद नदी व झील क्षेत्र केे आसपास कोई भी निर्माण बगैर अनुमति के नहीं किए जा सकेंगे। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक प्राधिकरण में 1727 गांव चिन्ह्ति किए गए हैं।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष कीर्ति सिंह नेगी ने कहा कि 7809.09 वर्ग किमी में फैले प्राधिकरण के क्षेत्र के समग्र विकास का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसमें सभी स्थानीय प्रतिनिधियों के सुझाव भी शामिल किए गए हैं। इसमें टिहरी जिले के सात और उत्तरकाशी के तीन ब्लॉक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का ड्राफ्ट तैयार कर इसको सीएम के समक्ष रखा जाएगा। उसके अस्तित्व में आने पर नदी घाटी क्षेत्र का समग्र विकास कार्य शुरू करेगा।
उपाध्यक्ष ने कहा कि महायोजना में स्थायी विकास कार्य से संबंधित सभी पक्षों को सुना जाएगा। उसके अनुरूप ही कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महायोजना में सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा। इसमें स्थानीय हितों को भी ध्यान में रखा गया है। महायोजना के विपरीत कार्य करने पर दंडित करने का भी प्राविधान किया गया है। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शांति भट्ट और कांग्रेस नेता भागवत सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।