कांग्रेसी बोले मनरेगा में बदलाव करने से राज्यों पर पड़ेगा अतिरिक्त व्यय भार
नई टिहरी। मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के महापुरुषों के नाम को मिटाने का काम कर रही है। मनरेगा के माध्यम से लोगों को काम के अवसर बढ़ाने के बजाय सरकार नाम बदलकर लोगोें का ध्यान भटकाने काम कर रही है।
बौराड़ी साईं चौक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। कहा कि आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर संचालित मनरेगा योजना का नाम बदलकर केंद्र सरकार उसमें कड़े प्राविधान कर रहे हैं। जिससे लोगों को रोजगार आसानी से नहीं मिल पाएगा। मनरेगा ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की मजबूत आधार है। कोरोना संक्रमण काल में मनरेगा ही लोगों के जीवन जीना का आधार बनी है।
अब सरकार इसको समाप्त करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा केंद्र का अंशदान 90 फीसदी और राज्य सरकार का 10 प्रतिशत था। अब नए बिल में इसे घटाकर 60 और 40 की हिस्सेदारी कर दी है। इससे राज्यों पर भी अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा। उन्होंने योजना में बदलाव न करने की मांग की। धरने पर महिला जिलाध्यक्ष आशा रावत, शहर अध्यक्ष कुलदीप पंवार, नरेंद्र चंद रमोला, ममता उनियाल, सीमा कृषाली, शक्ति जोशी, देवेंद्र नौडियाल, लखबीर सिंह चौहान, श्यामलाल शाह, मनीष पंत, विश्वजीत नेगी, संतोष आर्य, वीरेंद्र दत्त, शोभन कुमाईं, रोशन नौटियाल, किशोर मंद्रवाल, रमेश पेटवाल, शंभू भंडारी, गबर रावत, अनीता देवी बैठी रही।