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समिति के सचिव व लिपिक को बनाया बंधक

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भिलंगना ब्लाक के बहुद्देशीय साधन सहकारी समिति गोदाधार में करीब 75 लाख की गड़बड़ी की आशंका पर खाताधारकों ने मंगलवार को समिति में रिकार्ड लेने पहुंचे मैगाधार समिति के सचिव और गोदाधार में कार्यरत लिपिक को बंधक बनाया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी धनराशि वापस नहीं दी जाती है, तब तक उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा।
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गोदाधार बहुद्देशीय साधन सहकारी समिति में लंबे समय से गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अधिकारी-कर्मचारी खाताधारकों को गुमराह कर रहे हैं। खाताधारकों का आरोप है कि समिति में कार्यरत आंकिक महावीर शाह निवासी ढुंग बजियालगांव मार्च 2019 से उन्हें गुमराह कर रहा है, जिससे वे खातों से धनराशि नहीं निकाल पा रहे हैं। इसी बीच सितंबर 2019 में आंकिक की मौत हो गई। उसके बाद समिति का कार्यभार मैगाधार साधन सहकारी समिति के सचिव मनोहर लाल डंगवाल को सौंपा गया। खाताधारकों ने बताया कि सितंबर में मैगाधार के सचिव और घनसाली जिला सहकारी बैंक के अधिकारी गोदाधार समिति से दस्तावेज साथ ले गए थे और खाताधारकों को जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन घनसाली जिला सहकारी बैंक में जाने पर वह भी लोगों को गुमराह करते रहे।
मंगलवार को लोगों को समिति में मैगाधार समिति कैश लेेखाकार विक्रम भंडारी और लिपिक अनूप सुरीरा के रिकार्ड लेने पहुंचने की भनक लगी, तो उन्होंने कर्मियों को समिति के अंदर ही कैद कर दिया। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि शाम करीब छह बजे मैगाधार सहकारी समिति के सचिव मनोहर लाल ने कहा कि मामले की जांच रिपोर्ट बुधवार को कोर्ट में पेश करनी है। उसके बाद कोर्ट निर्देशानुसार ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस लोगों ने उन्हें छोड़ दिया।
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कर्मियों को बंधक बनाने वालों में खाताधारक कर्ण सिंह रगड़वाल, विक्रम सिंह कुंवर, राजेंद्र राणा, विकास बडोनी, विक्रम घणाता, कर्ण सिंह घणाता, कुलदीप चौधरी, शंभु प्रसाद और मथुरा प्रसाद आदि शामिल थे। सहायक निबंधक अनिल कुमार का कहना है कि गोदाधार समिति में कुछ अनियमितता सामने आई है। वहां कार्यरत कर्मचारी की मौत हो चुकी है। इसलिए स्पष्ट पता नहीं चल पा रहा है। इसकी जांच कराई जा रही।
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