गैरसैंण सत्र के समापन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक अलग ही सहज अंदाज देखने को मिला। गैरसैंण से जीवीके हेलीपैड पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री हवाई सफर से आगे जाने के बजाय कार में सवार हुए और श्रीनगर से देहरादून तक पूरे सड़क मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने सड़कों की स्थिति परखने के साथ-साथ जमीनी हकीकत जानी और आम जनता से सीधा संवाद किया।
सफर के दौरान मूल्यगांव के पास सड़क निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को देखकर मुख्यमंत्री ने अपनी कार रुकवाई और उनके पास जाकर उनका हाल-चाल पूछा। सीएम को अचानक अपने बीच पाकर मजदूरों के चेहरे खिल उठे। इसके बाद जब मुख्यमंत्री का काफिला देवप्रयाग पहुंचा। तो वहां पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।
उत्तराखंड विधानसभा सत्र: विपक्ष के शोर-शराबे के बीच अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पारित, इन मुद्दों पर गरमाया सदन
देवप्रयाग बस अड्डे पर पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी ने वहां मौजूद स्थानीय दुकानदारों और महिलाओं से आत्मीय बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इसी क्रम में उन्होंने बस स्टेशन स्थित सुलभ शौचालय का औचक निरीक्षण किया। शौचालय की स्थिति का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने देवप्रयाग के अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी को निर्देश दिए कि इस सुलभ शौचालय को और अधिक आधुनिक बनाया जाए, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री संगम व्यू प्वाइंट पहुंचे, जहां से उन्होंने अलकनंदा और भागीरथी के पवित्र संगम के दर्शन किए। उन्होंने देवप्रयाग संगम और मां गंगा को नमन करते हुए प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री के इस जमीनी दौरे और जनसंवाद की स्थानीय लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।