मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि नमामि गंगे योजना के तहत जिले के चयनित 32 गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए संबंधित अधिकारी 15 अगस्त तक कार्य योजना बना लें।
शुक्रवार को विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में सीडीओ ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार सफाई पर विशेष फोकस है। एक वर्ष के भीतर पूरे जिले को खुले में शौच से मुक्त किया जाना है और इसके लिए वृहद कार्य योजना एवं क्रियान्वयन की जरूरत है। परियोजना प्रबंधक स्वजल सुनील जोशी ने बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत जिले के 32 गांव चयनित है, जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण व सफाई अभियान चलाया जाएगा।
बताया कि भिलंगना में नौ, थौलधार आठ, जाखणीधार तीन, प्रतापनगर-कीर्तिनगर और प्रतापनगर में तीन-तीन और चंबा में एक गांव योजना में शामिल है। इस मौके पर डीडीओ पीके पांडे आदि मौजूद थे।
वहीं स्वच्छ भारत मिशन के राज्य समन्वय एसएस बिष्ट ने स्वजल कार्यालय में जिले में संचालित कार्यक्रम को लेकर बैठक ली। उन्होंने बताया कि सभी घरों में शौचालय होने से गांव में गंदगी नहीं फैलेगी, जिससे बीमारियों से भी बचा जा सकता है।