खाली होते पहाड़ और बंजर होते खेतों के लिए सरकारी नीतियां जिम्मेदार हैं। 16 साल बाद भी गांवों की दुर्दशा नहीं सुधर पाई है। अब समय आ गया जब लोगों को खामोशी तोड़कर अपने हक के लिए आगे आना होगा। यह बातें पद्मश्री डा. अनिल प्रकाश जोशी ने यहां मुख्य चौराहे में आयोजित सभा में कही है।
बुधवार को गांव बचाओ यात्रा के नगर क्षेत्र में पहुंचने पर स्वागत किया गया। यात्रा दल ने नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए रैली निकाली। इसके बाद मुख्य चौराहे में आयोजित सभा में गांवों की बिगड़ती हालत के लिए राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लिया गया।
डा. जोशी ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही नेताओं को गांवों की याद आने लगती है। कहा कि गांवों में मूलभूत सुविधा नहीं होने के कारण पलायन बढ़ रहा है। देवभूमि में शराब और खनन माफिया पांव पसार रहा है। उन्होंने कहा कि जब गांव बचेंगे तभी शहर बच पाएंगे।
गांव के विकास की सोच रखने वाले व्यक्ति को ही आगे बढ़ाना चाहिए। देश की आत्मा गांव में ही बसती है। राड्स अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने कहा कि टिहरी महोत्सव में लाखों रुपये के पटाखे न फोड़कर उतने धन से अंधेरे घरों में लाइट पहुंचाते।
इस मौके पर शकुंतला देवी, पुलमा देवी, मुन्नी देवी, कमल बहुगुणा, संजय बहुगुणा, देवेश कोठारी, सुनील गोपाल कोठारी, राजकुमारी देवी, कुंभीबाला भट्ट, प्रदीप कोठारी, सुमन कोठारी, रंजना देवी, ममता लेखवार, चंद्रमा देवी आदि मौजूद थे।