नई टिहरी। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने का भाजपा और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत करते हुए इस ऐतिहासिक पहल और निर्णय बताया है। कहा कि इससे समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ मिलेगा। खासकर विवाह, विरासतीय, बच्चे गोद लेने जैसे अहम निर्णय लेना शामिल हैं। वहीं कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह नई बोतल में पुरानी शराब जैसा है।
विधायक किशोर उपाध्याय, घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, देवप्रयाग विनोद कंडारी, धनोल्टी प्रीतम सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री धामी सरकार बधाई की पात्र है। विधायक उपाध्याय ने कहा कि यूसीसी की धारा पूरे देश में चेतना का प्रवाह करेगी। इसमें बहुविवाह, बहुपतित्व, हलाला, इद्दत और तीन तलाक जैसी परंपराएं अमान्य होंगी।
भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेश नौटियाल, महामंत्री उदय रावत, राजेंद्र जुयाल ने इसे राज्य के इतिहास में सबसे अहम निर्णय बताया है। कहा कि पीएम धामी ने चुनाव से पहले जनता के बीच यह वादा किया था। 27 जनवरी को दिन उत्तराखंड के लिए इतिहास बन गया है। कहा कि यूसीसी लागू होने से सबसे ज्यादा फायदा मातृशक्ति को होगा। दूसरी ओर, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट ने इसे नई बोतल में पुरानी शराब करार दिया है। कहा कि जब उत्तराखंड की चार प्रतिशत एसटी आबादी पर यह लागू नहीं होता है, तो किस बात की समान नागरिक संहिता। कहा कि यह समवर्ती सूची का मामला है जिस पर केंद्र सरकार को कानून बनाने का अधिकार है।