नई टिहरी। सेफर इंटरनेट दिवस पर राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र की पहल पर सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग और एआई की उपयोगिता विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी कुसुम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डीपफेक वीडियो, आवाज की नकल, चैटबॉट जैसी तकनीकों का जहां सकारात्मक उपयोग हो सकता है, वहीं इनके दुरुपयोग से गंभीर खतरे भी पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी संदेशों के जरिए ठगी , डेटा चोरी और सोशल मीडिया से जुड़े जोखिमों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के उपाय बताए। उन्होंने सुरक्षित पासवर्ड के उपयोग, दो-स्तरीय सुरक्षा प्रक्रिया, संदिग्ध लिंक और संदेशों से दूरी बनाए रखने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी की सुरक्षा पर जोर दिया। पुलिस विभाग के धनराज बिष्ट ने साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया पर खाते नहीं बनाने चाहिए।
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत न करने, मित्रता अनुरोध स्वीकार न करने और किसी को भी ओटीपी साझा न करने का सुझाव दिया।
साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने को कहा गया। इस मौके पर एडीएम अवधेश सिंह, डीडीओ मो. असलम मौजूद रहे। संवाद