जिला मुख्यालय के पांच किमी की दूरी पर स्थित बटखेम गांव वर्षों बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है। गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए लोनिवि ने वर्ष 2005 और 2013-14 में सरकार को प्रस्ताव था, लेकिन प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। सड़क न बनने के कारण ग्रामीण से लेकर गांव में स्थित माता काली के दर्शनों को आने वाले सैकड़ों भक्त दो से ढाई किमी पैदल सफर करने को मजबूर हैं।
नई टिहरी से पांच किमी दूरी पर बटखेम गांव दशकों बाद भी सड़क से नही जुड़ पाया है। सड़क सुविधा न होने के कारण गांव के 20 से अधिक परिवार सुगम स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। वर्तमान में गांव के करीब 40 परिवारों की 250 की आबादी सड़क के लिए तरस रही है। ग्रामीण ढाई किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक पहुंचते हैं। गांव में क्षेत्र की प्रसिद्ध माता काली का भव्य मंदिर है। प्रत्येक रविवार को माता से आशीर्वाद लेने के लिए प्रदेश से लेकर देश के अन्य राज्यों से लोग बड़ी संख्या में पहुुंचते हैं, लेकिन सड़क न होने के कारण उन्हें जंगल के रास्तों से होकर पैदल गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2005 में 2013-14 में गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पाई।
बटखेम गांव के लिए प्रस्तावित छह किमी मार्ग पर वनभूमि आड़े आ रही है। गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वनभूमि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव को वन विभाग को भेजा जाएगा।
-अमित त्यागी, सहायक अभियंता लोनिवि चंबा।