स्वास्थ्य विभाग में सेवा बहाली को लेकर 22 मई से धरने पर बैठे उपनल कर्मियों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर गुस्साए एक कर्मी ने आत्मदाह का प्रयास किया। आसपास मौजूद साथियों ने उसे किसी तरह बचा लिया।
इससे जिला मुख्यालय में सीएमओ दफ्तर के बाहर बड़ी घटना होने से टल गई। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है, जिससे उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई चारा नहीं है।
उपनल से स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त किए गए 64 कर्मचारियों की सेवा बहाली नहीं करने पर 22 मई से सीएमओ दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। क्रमिक अनशन से लेकर सीएमओ दफ्तर पर तालाबंदी करने के साथ वे सीएम से भी अपनी पीड़ा बता चुके हैं। लेकिन उन्हें सेवा बहाली का ठोस आश्वासन नहीं मिल पाया है।
शुक्रवार को धरने पर बैठे कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे कि अचानक एक कर्मी अशोक कुमार मिट्टी के तेल की बोतल लेकर वहां आ धमका और अपने ऊपर तेल छिड़क कर आग लगाने का प्रयास करने लगा। इससे वहां अफरातफरी मच गई और अन्य लोगों ने अशोक के हाथ से माचिस छीन कर उसके कपड़े उतार दिए। इससे वहां एक बड़ी घटना होने से बच गई।
कर्मियों ने कहा कि नौकरी नहीं मिलने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की समस्या पैदा हो गई है। इससे उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है।
उक्रांद के जिलाध्यक्ष विजय पंवार ने कहा कि विभाग कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द सेवा बहाल नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। इस मौके पर उपनल कर्मी कन्हैया भट्ट, धीरज रावत, जगदीप बिष्ट, पुरषू लाल, सजेंद्र कुमार,सीमा रावत, ममता ममगाईं, रंजना आदि मौजूद थे।