टिहरी और प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित जाख-डोबरा मोटर मार्ग पर सीएम की घोषणा के बाद भी डामरीकरण नहीं हो पाया है। थौलधार, प्रतापनगर और चारधाम यात्रा को जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल होने से लोग जोखिमभरा सफर करने को मजबूर हैं। डोबरा से आगे कमांद तक आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क पर बमुश्किल वाहनों का आवागमन हो पा रहा है।
गत वर्ष नवंबर में डोबरा-चांठी पुल का लोकार्पण होने के बाद जाख-डोबरा मार्ग पर वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया है। जाख-डोबरा सड़क संकरी होने के साथ-साथ जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। टिहरी झील किनारे बनी सड़क पर सुरक्षा के लिए पैरापिट और क्रश बैरियर भी पर्याप्त नहीं हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पूर्व पंचायत सदस्य प्रमोद नेगी का कहना है कि मार्ग से गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों को चंबा से 10 किमी कम दूरी तय करनी पड़ती है। साथ ही थौलधार के दर्जनों गांव और प्रतापनगर क्षेत्र के लोगों के लिए जाख-डोबरा मोटर मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों की मांग पर 2021 में तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जाख-डोबरा सड़क सुधारीकरण और डामरीकरण की घोषणा की थी लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ईई पीएस नेगी का कहना है कि जाख-डोबरा सड़क डामरीकरण और सुधारीकरण का अभी शासनादेश नहीं हुआ है। बजट मिलने पर सड़क पर मरम्मत कार्य किया जाएगा।