दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने एक और गिरफ्तारी की है। कालेज प्रबंधन के साथ बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले आरोपी के खिलाफ थाना मुनिकीरेती में सालभर पहले मुकदमा दर्ज कराया गया था। विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने आरोपी को गिरफ्तार कर सीजेएम की अदालत में पेश किया है, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आने पर हाईकोर्ट ने सितंबर 2019 में घोटाले की एसआईटी जांच के आदेश जारी किए थे, जिसमें अभी तक कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घोटाले में बिचौलिए का काम करने वाले शैलेंद्र कृष्ण निवासी बौराड़ी नई टिहरी के खिलाफ 19 अक्तूबर 2019 को थाना मुनिकीरेती में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने हिंडोलाखाल और अंजनीसैण आदि क्षेत्र के अनुसूचित जाति के छात्रों के प्रमाणपत्र स्वामी पूर्णानंद डिग्री कालेज ऑफ टेक्नीकल एजूकेशन को उपलब्ध कराते हुए फर्जी तरीके से प्रवेश दिखाकर छात्रवृत्ति का फर्जीवाड़ा किया था। जांच अधिकारी (एसआईटी) व थत्यूड़ थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि जांच में शैलेंद्र कृष्ण का नाम सामने आने पर आरोपी के खिलाफ मुनिकीरेती थाने में सालभर पहले मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी को बृहस्पतिवार दोपहर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।