ऑल वेदर परियोजना प्रभावित थौलधार ब्लॉक के भवन और दुकान स्वामियों ने मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन और बीआरओ से प्रभावित परिवारों को प्रति माह 20 हजार मासिक प्रतिपूर्ति भत्ता देने और पुनर्वास करने की मांग की।
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण से प्रभावित भवन और दुकान स्वामी मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर बृहस्पतिवार से बाजार में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। प्रभावितों ने कहा कि ऑल वेदर परियोजना की जद में आने के कारण प्रशासन ने नौ माह पूर्व उनके घरों और दुकानों का अधिग्रहण कर लिया था। दुकान और घर खाली कर वे दूसरे लोगों के घरों में शरण लिए हैं। नौ माह बाद भी उन्हें मुआवजा भुगतान नहीं हो पाया है। अतोल सिंह गुसाईं ने बताया कि जिला प्रशासन ने बीआरओ को भवनों के प्रतिकर की धनराशि उपलब्ध कराने को बीते 30 जून को पत्र प्रेषित किया था। प्रभावित दुकानदारों और भवन स्वामियों के पुनर्वास की प्रशासन के स्तर पर कोई भी व्यवस्था नहीं की गई। धरना देने वालों में सुमन सिंह गुसाईं, उम्मेद सिंह, जगवीर सिंह नेगी, बलवीर कठैत, मदन सिंह, रमेश दत्त खंडूड़ी, दिनेश खंडूड़ी, प्रेम सिंह भंडारी, सचपाल, भरत सिंह, रणवीर सिंह थलवाल, जय प्रकाश, महेश, अमन, कीर्ति सिंह, प्रमोद रावत, आशीष आदि शामिल रहे।