शेष जमीन पर स्वरोजगार करेंगे भूस्वामी, भूमि देने की उठाई मांग
नई टिहरी। कोटीकॉलोनी से डोबरा चांठी 15.7 किमी पर्यटन सड़क के लिए भूमि और परिसंपत्तियों के अर्जन के लिए भूस्वामियों ने पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के सामने कई शर्ते रखी हैं। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन से भूमिहीन हो रहे भूस्वामियों की मांगें नहीं मानी गई तो वे अपनी जमीन नहीं देगें। उन्होंने कहा कि रोड के लिए जितनी जमीन की जरूरत है उतनी ही अधिग्रहण की जाए। बाकी जमीन भूस्वामियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए उनके पास ही रहने दें। उन्होंने भूमि के बदले भूमि देने की मांग भी उठाई है।
सोमवार को डीएम नितिका खंडेलवाल को ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि उनकी जमीन रामगांव में है। सड़क पर इससे पहले भी उनकी छह नाली जमीन काट चुके हैं। अब और भूमि का अधिग्रहण होने से कई परिवार भूमिहीन हो जाएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग रोड के लिए उनकी पूरी करीब 25-30 मीटर जमीन का अधिग्रहण कर रहा है। रोड कुल 14-15 मीटर चौड़ी ही बननी है।
उन्होंने कहा कि इससे अधिक जमीन वह कतई नहीं देंगे। इस बारे में पहले भी आपत्ति जताई जा चुकी है। उन्होंने भूमि के बदले भूमि देने, 15 मीटर पर्यटन रोड बनाने के बाद बाकी जमीन काश्तकारों के पास ही रखने, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का व्यवसायिक दर पर भुगतान करने, भुगतान वर्तमान दर पर देने, पर्यटन रोड पर स्वरोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में प्रधान मनेंद्र नाथ, चमन सिंह सरियाल, जयेंद्र पंवार और गजपाल पंवार आदि शामिल थे। इस बाबत डीएम ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही एडीएम की अध्यक्षता में ग्रामीणों के साथ बैठक की जाएगी।