नई टिहरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में क्रियात्मक अनुसंधान के प्रथम चरण की तीन दिवसीय कार्यशाला हुई। समापन पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. दीपक रतूड़ी ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
कार्यशाला समन्वयक देवेंद्र भंडारी, सह समन्वयक डॉ. सुमन नेगी ने क्रियात्मक अनुसंधान के महत्व, आवश्यकता, रूपरेखा और कार्यविधि की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने एनसीईआरटी की ओर से विकसित क्रियात्मक अनुसंधान प्रारूप के विभिन्न चरणों को समझने के लिए समूहवार चर्चा की। अनुश्रवण के लिए पहुंचे एडीएम शैलेंद्र नेगी ने प्रतिभागियों से संवाद किया।
प्राचार्य डॉ. रतूडी ने बीते 7 सितंबर और 5 अक्तूबर 2026 को संपन्न परख (आकलन) के परिणामों की जानकारी भी दी। इस मौके पर डॉ. वीर सिंह रावत, सीमा शर्मा, डॉ. राजकिशोर, डॉ. विजय मोहन गैरोला, रणजीत पंवार, नीलम बागड़ी, अंजली जोशी, अभिषेक सेमवाल, सुरेश रतूड़ी, शुभम डोभाल आदि मौजूद रहे। संवाद