नई टिहरी। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को अफरातफरी का माहौल रहा। आठ सूत्री मांग को लेकर आंदोलनरत छात्र दो अलग-अलग गुटों में बंट गए। छात्रों के एक गुट ने मांगों के समर्थन में कालेज में तालाबंदी कर दी तो दूसरा गुट शिक्षण कार्य शुरू करने को लेकर नारेबाजी करता रहा। इसी बीच अनशन पर बैठे चार छात्र कालेज की छत पर चढ़ गए। इसी गुट से जुड़े चार छात्र-छात्राओं ने खुद को प्राचार्य कक्ष में अपने को कैद कर दिया। बाद में एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता की। वार्ता में इवनिंग कालेज के बच्चों को प्रात:कालीन कक्षा में पढ़ने की अनुमति देने की सहमति के बाद ही छात्रों का आंदोलन स्थगित हुआ।
पीजी कालेज के इवनिंग कक्षा के छात्रों को प्रात:कालीन कक्षा में पढ़ने की अनुमति देने, कालेज को श्रीदेव सुमन विवि का परिसर बनाने, यूजी, पीजी की कक्षाओं में प्रवेश देने सहित आठ सूत्री मांग को लेकर छात्रसंघ के सचिव मनोज उनियाल, विश्वजीत नेगी और पर्वत कुमाईं 15 अक्तूबर से आमरण अनशन पर बैठे थे। इनके समर्थन में सत्यमेव जयते से जुडे़ छात्रों ने शुक्रवार सुबह 10 बजे कालेज गेट एवं फैकल्टी के कक्षों में ताले जड़ दिए। साथ ही पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हितेश चौहान, विश्वजीत, मनोज और पर्वत कालेज की छत पर चढ़कर वहां से कूदने की धमकी देने लगे। यही नहीं छात्रसंघ उपाध्यक्ष निशा चौहान, याशमीन, विमला और संदीप भट्ट ने खुद को प्राचार्य कक्ष में कैद कर दिया। दूसरी ओर, शिक्षण कार्य शुरू करवाने की मांग को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित पंवार, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष लखवीर चौहान के नेतृत्व में एबीवीपी, आर्यन ग्रुप और एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इन दिनों में कालेज में एमए,एमकॉम और एमएससी सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही है। ऐसे में कालेज को बंद करवाकर छात्र हितों की अनदेखी की जा रही है। विरोध में वह भी कालेज की छत पर चढ़ गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम देवानंद शर्मा, थानाध्यक्ष एश्वर्यपाल ने प्राचार्य डा. अशोक कुमार, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता की। जिसमें निर्णय लिया गया कि दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्रों को प्रात:कालीन कक्षा में पढ़ने की अनुमति दी जाएगी। अन्य मांगों को शासन स्तर के लिए भेजा जाएगा। एसडीएम के आश्वासन पर छात्रों ने छत से नीचे उतर कर आंदोलन स्थगित कर दिया।