नई टिहरी। गढ़वाल विकास केंद्र की पहल पर बुधवार को सुमन क्यारी में ‘जल, जंगल व जमीन संरक्षण’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें नदी घाटी संस्कृति को बचाने के लिए बढ़ते शराब के प्रचलन पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सर्वोदयी राधा बहन ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। यदि जंगल नहीं रहेंगे, तो पानी के स्रोत भी खत्म हो जाएंगे। इन दोनों विषयों पर हमें गंभीरता से चिंतन व मनन करने की आवश्यकता है। रक्षा सूत्र आंदोलन के सुरेश भाई ने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं ने पहाड़ के गांवों के लोगों का सुख, चैन छिन लिया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि जल, जंगल व जमीन बचाने के लिए गांव-गांव से मुहिम शुरू करने की आवश्यकता है। इस मौके पर गढ़वाल विकास केंद्र के संस्थापक प्रवेंद्र सकलानी, भदराज स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुरजी देवी, किशना देवी, चम्मा देवी, सुनीता राणा, बिनू देवी, बंको देवी मौजूद थे।