नई टिहरी। इंद्रमणी बडोनी स्मृति मंच ने प्रदेश सरकार से 24 दिसंबर बडोनी जयंती को संस्कृति दिवस के रूप में मनाने की मांग की है। उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री को पोस्ट कार्ड भेजने का सिलसिला भी शुरू किया है, जिसमें लिखा है करें समर्पित 24 दिसंबर रहे याद को आंदोलन आंधी, हो घोषणा राज्य संस्कृति दिवस की, सम्मान उत्तराखंड गांधी।
इंद्रमणी बडोनी स्मृति मंच के अध्यक्ष लोकानंद डंगवाल ने कहा कि उत्तराखंड के गांधी के रूप में ख्यात इंद्रमणी बडोनी राजनीतिज्ञ के साथ ही संस्कृति कर्मी भी रहे हैं। राज्य गठन के पीछे उनका सपना पर्वतीय क्षेत्र की लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए भी था। उन्होंने हैरत जताई कि राज्य गठन के बारह वर्षों बाद भी सांस्कृतिक रूप से राज्य की लोकसंस्कृति के संरक्षण के प्रभावी प्रयास नहीं हो पाए हैं। ऐसे में जरूरी है कि बडोनी जयंती को संस्कृति दिवस के रूप में मनाएं। मंच के मुख्य संयोजक रमेश उनियाल ने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री को पूर्व में भी ज्ञापन दिया जा चुका है। उन्हाेंने अन्य लोगों से भी बडोनी जयंती को संस्कृति दिवस के रूप में मनवाने के लिए लगातार पोस्टकार्ड भेजने का अनुरोध किया है। पोस्टकार्ड में करें समर्पित 24 दिसंबर रहे याद को आंदोलन आंधी, हो घोषणा राज्य संस्कृति दिवस की, सम्मान उत्तराखंड गांधी लिखने को कहा है। कहा कि मंच से जुड़े तमाम लोग घोषणा होने तक ऐसे पोस्टकार्ड भेजेंगे।