चंबा (टिहरी)। पहाड़ में शराब के प्रति धीरे-धीरे जागरूकता आ रही है। लोग इसके कुप्रभाव को समझकर इससे परहेज करने लगे है। इसी कड़ी में साबली गांव का नाम भी जुड़ गया है। शुक्रवार को साबली गांव में हुई बैठक में शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों पर शराब परोसने और डीजे को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। उल्लंघन करने वाले व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के लिए ग्राम सुधार समिति गठित की गई है।
साबली गांव में हुई बैठक में शादी-ब्याह, चूड़ाकर्म आदि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब के बढ़तेे प्रचलन पर चिंता व्यक्त की गई। ग्रामीणों ने कहा कि शराब से बचने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। बैठक की अध्यक्षता करते उप प्रधान मधुरिमा बहुगुणा ने कहा कि शराब के कारण गांव में लड़ाई झगड़ा हो रहा है। रिश्ते-नातेदारी भी बिगड़ रही है। निर्णय लिया गया कि गांव में अब शराब का प्रचलन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार जुर्माना वसूला जाएगा। दूसरी बार सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। शराबियों पर नजर रखने के लिए ग्राम सुधार समिति का गठन किया गया। जिसमें दिमेश्वर प्रसाद बहुगुणा अध्यक्ष, सोहन लाल शास्त्री उपाध्यक्ष, सुशील बहुगुणा सचिव, राकेश भट्ट कोषाध्यक्ष बनाए गए। बैठक में मनोज बहुगुणा, उमा शंकर बहुगुणा, दिनेश बहुगुणा, प्रकाशी देवी, उर्मिला देवी आदि उपस्थित थे।