नई टिहरी। कोटेश्वर बांध की झील का जलस्तर बढ़ने से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। जिससे खांड जौरासी,डोभालगांव और मुलाणी में कई आवासीय भवनों पर दरारें बढ़ गई है। सड़क कई जगह पर दो मीटर तक धंस गई। वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के आमसेरा में शुक्रवार को हुई भारी बरसात से वहां चंदन सिंह की तीन दुकानों में मलबा घुस गया। सड़क पर भी मलबा जमा हो गया। वहां तैनात जेसीबी से मलबा हटाने पर आमसेरा में साढ़े आठ बजे और बेमुंडा में सात बजे सड़क खोली जा सकी। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा आने का सिलसिला जारी है। हालांकि आस-पास मौजूद जेसीबी से मार्ग खोला जा रहा है। चंबा-कोटी कालोनी मार्ग पर भुस्खलन से पैदल संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गया। भूधंसाव से एक आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गया। 24 अगस्त की रात्रि को हुई भारी बारिश से डोभाल गांव का पैदल रास्ता धंस गया है। साथ ही खेम सिंह का आवासीय भवन को भी खतरा हो गया।
दूसरी ओर कोटेश्वर बांध की झील का जलस्तर बढ़ने से खांड जौरासी,डोभालगांव और मुलाणी में कई आवासीय भवनों पर दरारें बढ़ गई है। सड़क कई जगह पर दो मीटर तक धंस गई। जौरासी में सड़क धंसने से कमल सिंह सजवाण के आवासीय भवन और दुकान में दरारें बढ़ती जा रही है। मुलाणी में भी भगवान सिंह, इंद्र सिंह, आनंद सिंह जर्जर हो रहे मकान में रहने को मजबूर हैं। उपमहाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि जिनके मकान खतरे की जद में आए हैं, उन्हें टीनशेड दिए जा रहे हैं। उन्होंने माना कि सड़क की स्थिति खराब है।