झील से सटे टिहरी एवं उत्तरकाशी जिले के 98 गांव के विकास के लिए बनने वाला मास्टर प्लान एक साल बाद भी तैयार नहीं हो पाया है। मास्टर प्लान बन जाता, तो प्रभावित क्षेत्र में खाली पड़ी भूमि एवं गांव में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ जाती।
बांध की झील के आसपास के टिहरी जिले के 77 और उत्तरकाशी के 21 गांव में सुनियोजित विकास एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जनवरी 2015 पर्यटन विकास परिषद ने फोर सी, आईआईडीसी को करीब छह करोड़ में मास्टर प्लान के लिए कंसलटेंट नियुक्त किया था। कंसलटेंट ने होटल, रेस्तरा, इको हट, गांव में होम स्टे, पिकनिक स्पॉट, हर्बल ग्राम, योगा सेंटर, साइकिलिंग, साहसिक खेल आदि के लिए स्थान चयन, इस पर होने वाले खर्च सहित अन्य का मास्टर प्लान बनाकर पर्यटन विभाग को देना था। लेकिन पर्यटन विकास परिषद एक साल बाद भी कंसलटेंट से मास्टर प्लान तक तैयार नहीं करवा पाया है।
कोट
टिहरी बांध से सटे गांव में पर्यटन गतिविधियों के लिए कंसलटेंट ने प्रारंभिक मास्टर प्लान दे दिया है। जल्द ही इसमें जनता की राय ली जाएगी। इसके बाद फाइनल प्लान तैयार किया जाएगा।
-एके द्विवेदी, अपर निदेशक पर्यटन विकास परिषद
मास्टर प्लान के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली गई है। निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ही मास्टर प्लान फाइनल कर दिया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गतिविधियों शुरू की जाए।
-दिनेश धनै, पर्यटन मंत्री।