भिलंगना ब्लॉक में ग्राम कोठियाड़ा के आपदा प्रभावित अनुसूचित जाति के 29 परिवार छत के लिए दर-दर भटक रहे हैं। 28 जून को गांव में बादल फटने से उनके घर मलबे में दब गए थे। तब से वह तीन कमरों के बीज भंडार में रहने को मजबूर हैं। भूमिहीन यह परिवार स्थायी ठिकाना बनाने के लिए गांव के पास जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई मदद नहीं मिल पाई है।
बालगंगा घाटी के कोठियाड़ा सहित कई गांव में बादल फटने से भारी तबाही मच गई थी। दर्जनों मकान मलबे में जमींदोज हो गए थे। प्रशासन ने बेघर लोगों को आसपास सरकारी स्कूल, बीज भंडार और आश्रम में शिफ्ट किया था। आपदा प्रभावितों के लिए फौरी तौर पर मदद के निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रभावित अभी तक मदद की राह ताक रहे हैं।
कोठियाड़ा गांव में अनुसूचित जाति के 29 परिवारों के मकान भी ध्वस्त हो गए थे, जिन्हें पास के ही बीज भंडार में शिफ्ट किया गया था। मदद के तौर पर उन्हें 3800 और 5200 रुपये की दो ही किश्त की मदद मिल पाई है।
उप प्रधान बृहस्पति देवी और महिला मंगल दल की अध्यक्ष बिसेला देवी का कहना है कि प्रशासन से लगातार स्थायी छत बनाने के लिए जमीन देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिल पाई है। इस बाबत डीएम इंदुधर बौड़ाई ने कहा कि एसडीएम घनसाली को जमीन तलाशनेे के निर्देश दिए गए हैं।