जिले के सरकारी स्कूलों में जल्द ही गढ़वाली में प्रार्थना होगी। इसके लिए शिक्षकों को डायट में प्राथमिक स्तर के 25 शिक्षकों को गढ़वाली बोली को बचाने और प्रोत्साहन के लिए पाठ्य क्रिया-कलाप, प्रार्थना समेत अन्य जानकारियां कार्यशाला के माध्यम से दी जा रही है।
डायट में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला में डीईओ बेसिक एसएस बिष्ट ने कहा कि प्रार्थना स्कूल में शैक्षणिक कार्यक्रमों के शुभारंभ की पहली बेला होती है। ऐसे में डायट में इन दिनों नौ ब्लॉक के प्रारंभिक स्तर के 25 शिक्षक-शिक्षिकाओं को गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, हिंदी और संस्कृत में प्रार्थना करवाने, उन्हें साउंड ट्रैक पर फिट करने की जानकारी दी जा रही है। रिसोर्स पर्सन जीजीआईसी बौराड़ी की ज्योति सुमन, सुरगंगा संगीत विद्यालय की हिमानी फोंदणी, संजय आदि शिक्षक भागवत चौहान, ओम बधानी, सुमंत पंवार द्वारा रचित गढ़वाली प्रार्थना की धुन ‘नमो भगवती मां सरस्वती’ से लेकर अन्य प्रार्थनाओं का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस मौके पर डा. वीर सिंह रावत, दीपक रतूड़ी, कमला पांडेय, रमेश नेगी, आनंद सिंह रावत, विशेष चौरसिया आदि मौजूद थे।