विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) व जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के अभियुक्त को 20 साल का कठोर कारावास की सजा व 65 हजार अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार पीड़िता को देने के आदेश दिए।
विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) चंद्रवीर सिंह नेगी ने बताया कि 8 मई 2021 को पीड़िता के पिता ने चंबा क्षेत्र की राजस्व पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी घर से स्कूल गई थी लेकिन लौटी नहीं। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया है। तहरीर पर राजस्व पुलिस ने नौ मई को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पोक्सो सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नाबालिग की तलाश में जुट गई। राजस्व पुलिस के असफल रहने पर यह केस चंबा थाना पुलिस को हस्तांतरित किया गया।
पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर 12 मई को पीड़िता को अभियुक्त सूरज गुरुंग निवासी ग्राम चरुवेता खटीमा जिला ऊधमसिंह नगर के घर से बरामद किया। पुलिस ने नाबालिग की मेडिकल जांच कराई जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई। विशेष अभियोजक नेगी ने बताया कि बुधवार को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) व जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 65 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।