आपदा से जौनपुर ब्लॉक क्षेत्र में हुए नुकसान का प्रशासन ने सर्वे शुरू कर दिया है। प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट में 16 हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह बर्बाद होने का आंकलन किया गया है। 150 बेजुबान पशु भी आपदा में मारे गए हैं। सौंग नदी के आरपार बसे रगड़ गांव और चिफल्टी गांव के 30 परिवारों के आवागमन के लिए शनिवार (आज) से ट्रॉली लगाने का काम शुरू किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि एक सप्ताह में ट्रॉली से दोनों गांवों के बीच आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जौनपुर ब्लॉक में आपदा से सड़क, पैदल रास्ते, सिंचाई नहर, पुल, बिजली और पानी की लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा है। शनिवार (आज) डीएम की अध्यक्षता में एसडीआरएफ के तहत प्राक्कलन समिति की बैठक होगी। बताया कि आपदा से क्षेत्र के लगभग 10 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा समस्या मोबाइल नेटवर्क न होने से हुई है। चिफल्टी के पास पुलिया बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। दैवी आपदा में धनोल्टी और कीर्तिनगर तहसील के 6 लोगों की मौत हुई है जबकि 3 लोग अभी भी लापता हैं। मृतक परिजनों को 4-4 लाख के चेक दिए हैं। इस मौके पर सेवा योजन अधिकारी विनायक श्रीवास्तव, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट भी उपस्थित रहे है।