चंबा (टिहरी)। ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग पर ऑल वेदर रोड योजना की निर्माणाधीन सुरंग से आवासीय भवनों और खेतों में दरारों की जांच-पड़ताल के लिए गठित संयुक्त जांच टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। टीम सुरंग की भूगर्भीय और पर्यावरण संबंधी पहलुओं की रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
राजमार्ग पर गुल्डी गांव के निकट 440 मीटर निर्माणाधीन सुरंग के शुरूआती चरण में ही मठियाण गांव के तीन आवासीय भवनों और कई खेतों में दरारें आने से लोगों ने सुरंग का निर्माण बंद करा दिया था। वहीं निर्माणदायी एजेंसी ने अपनी कमियों को छुपाने के लिए दरारों और खाई को सीमेंट से भरना शुरू कर दिया था। इस पर 29 जून को अमर उजाला ने सुरंग के भूगर्भीय सर्वे पर सवाल खड़े करते हुए कमियां छुपाने को सीमेंट से पाट रहे दरारें खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। ग्रामीणों की गुहार पर डीएम वी षणमुगम ने टनल से होने वाले नुकसान की जांच के लिए एसडीएम टिहरी, लोनिवि और भूवैज्ञानिकों की एक जांच समिति गठित की थी। शनिवार को एसडीएम रविंद्र जुवांठा की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समिति ने मठियाण गांव में लोगों के भवनों और खेतों में पड़ी दरारों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि टनल की भूगर्भीय और अन्य रिपोर्ट को एकत्रित कर अध्ययन किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अलग से भूगर्भीय विशेषज्ञों को भी बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की जांच के बाद डीएम को जल्द रिपोर्ट सौंपी जाएगी।