हालांकि उसी दिन बीआरओ, लोनिवि के अधिकारियों ने रस्सों और लोहे के एंगिलों से फ्लोटिंग मरीना को बांधकर खड़ा कर दिया था, लेकिन झील किनारे दलदल अधिक होने के कारण मरीना को सुरक्षित स्थान पर खड़ा नहीं कर पाए थे।
डीएम की रिपोर्ट पर पर्यटन विभाग ने लोनिवि को मरीना को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने के लिए नौ लाख का प्रस्ताव भेजा था। शासन के निर्देश पर लोनिवि ने मरीना को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने का काम शुरू कर दिया है।
लोनिवि के ईई केएस नेगी ने बताया कि झील किनारे दलदल होने के कारण पहले प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। तीन-चार दिन के अंतर्गत मरीना को पानी से बाहर निकाल दिया जाएगा, जिसके बाद मरीना का मरम्मत कार्य शुरू होगा।