नरेंद्रनगर(टिहरी)। वर्ष 1970-71 में नगर में बनी भूकंप वेधशाला का भवन जीर्णशीर्ण हो चुका है। कमरे आवारा पशुओं का रहने का ठिकना बन गए हैं। लोगों ने सरकार पर नरेंद्रनगर की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए वेधशाला के भवन पर पर्यटन विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की मांग की।
भूकंप की सटिक जानकारी देने के लिए सरकार ने 1970-71 में वेधशाला बनाई थी, लेकिन वर्ष 2008-09 में सरकार ने वेधशाला कार्यालय, स्टाफ रुड़की स्थानांतरित कर दिया। इसके चलते 12 कमरों का भवन जीर्णशीर्ण हो चुका है। कार्यालय शिफ्ट होने से कक्षों में झाड़ियां उग चुकी है। अखिल भारतीय पंचायत विकास संगठन के प्रांतीय प्रवक्ता वाचस्पति रयाल, सुंदर सिंह रावत, राजेंद्र गुसाईं, जयपाल नेगी, राजेंद्र राणा, जितेंद्र चांदपुरी, नरेंद्र कुमार ने सरकार पर नरेंद्रनगर की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने भूकंप वेधशाला के भवन पर पर्यटन विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की मांग की।