चंबा (टिहरी)। चारधाम यात्रा को देखते हुए जल संस्थान ने यात्रा मार्ग पर पेयजल टंकियों को दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की तैयारी शुरू कर दी है। संस्थान ने गर्मी के मौसम में पेयजल किल्लत वाले क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल सप्लाई का खाका तैयार कर लिया है।
चारधाम यात्रा के मुख्य केंद्र बिंदु चंबा नगर के आसपास संस्थान की तीन और एक पानी की टंकी नागणी में भी है। यात्रा के दौरान लोगों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए संस्थान ने टंकियों का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। मौसम का पारा बढ़ने के साथ ही पेयजल किल्लत वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुचारु करने के लिए जल संस्थान ने पिछले कई वर्षों के आंकड़ों के आधार पर सूची तैयार कर ली है। इसके आधार पर संस्थान ने टैंकरों का टेंडर किया है। विभाग इस साल शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी टैंकरों से आम उपभोक्ता को पानी पहुंचाने की तैयारी में है। सड़क सुविधा से वंचित गांवों में घोड़े-खच्चरों से पानी की आपूर्ति की जाएगी। हालांकि इस साल काफी बारिश होने से अधिकांश प्राकृतिक पेयजल स्रोतों पर काफी पानी है, लेकिन जिस तरह से गरमियों में समस्या आती है, उस स्थिति से निपटने के लिए जल संस्थान ने तैयारी शुरू कर दी है।
जल संस्थान नई टिहरी के ईई सतीश चंद्र नौटियाल का कहना है कि गर्मी के दौरान टैंकरों और घोड़े-खच्चरों से जलापूर्ति करने की तैयारी की जा रही है। जहां पानी की समस्या होगी वह सूचना दे सकते हैं।
प्राकृतिक स्रोत से पानी भर रहे ग्रामीण
कर्णप्रयाग। गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। रतूड़ा, बसक्वाली, देवलीबगड़ आदि गांवों में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
जल संस्थान ने कर्णप्रयाग शहर में कालेश्वर से पेयजल लाइन बिछाकर नगर की पेयजल आपूर्ति तो बेहतर कर दी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। बदरीनाथ हाइवे के पास देवलीबगड़ गांव के पूर्व प्रधान संजू देवी, बलवंत सिंह आदि ने बताया कि उनके गांव में नौ दिनों से पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीण अलकनंदा नदी से पानी भर रहे हैं। यही हालत रतूड़ा, केदारूखाल, बसक्वाली, सिनखाल आदि गांवों में भी है। बसक्वाली के वीरेंद्र भंडारी, महेंद्र सिंह, चरण सिंह, अनिल सिंह, सोहन, हयात सिंह, दयाल सिंह, उत्तम सिंह ने बताया कि कुएं और प्राकृतिक स्रोत से पानी भर रहे हैं। इसके अलावा रतूड़ा, खंडूड़ा, सिनखाल गांवों में भी पानी की भारी कमी बनी है। जल संस्थान के जेई जेएस बिष्ट ने कहा कि स्रोतों पर पानी कम आ रहा है। साथ ही गांवों में लाइन पर काम भी चल रहा है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी।