घनसाली (टिहरी)। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत इन दिनों चुरेड़ा के समीप बालगंगा नदी से रेत और पत्थरों का अवैध खनन का कारोबार जोरों पर है। जेसीबी से रेत और पत्थरों का खनन हो रहा है। लोगों का आरोप है कि तहसील प्रशासन की मिली भगत के बिना अवैध खनन संभव नहीं है।
चमियाला-बूढ़ाकेदार मोटर मार्ग पर घनसाली तहसील मुख्यालय से 40 किमी दूरी पर स्थित चुरेड़ा में रेत और पत्थरों के अवैध खनन का धंधा खूब फल-फूल रहा है। चुरेड़ा में जेसीबी से बालगंगा नदी से रेत और पत्थर निकाला जा रहा है। खनन वाले स्थान पर रेत और पत्थरों का ढेर जमा पड़ा है। चुरेड़ा में खनन कर वहां से रेत और पत्थरों की सप्लाई घोड़े और खच्चरों से गांवों में की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चमियाला-बूढ़ाकेदार मोटर मार्ग से अक्सर हर दिन तहसील प्रशासन के अधिकारी आवागमन करते हैं, लेकिन कभी वे खनन स्थल पर देखने तक नहीं आए। यदि इसी तरह अवैध खनन चलता रहा, तो बारिश के दिनों में बालगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों को खतरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। तहसीलदार जगत सिंह धनोला का कहना है कि चुरेड़ा में कोई खनन पट्टा स्वीकृत नहीं है। वहां खनन होने की शिकायत किसी ने भी दर्ज नहीं की है। जांच के लिए तहसील कर्मियों को भेजा जा रहा है।